Thursday, February 15, 2018

वक़्त आता है और वक़्त जाता  हैं 

वक़्त कभी आता है, वक़्त कभी  जाता हैं,
 
हज़ारों सपने आँखों में भर जाता हैं

कभी हमें रुलाता हैं , कभी हमे हंसाता हैं

हर पल हमारा वास्ता हक़ीक़त से ये कराता हैं!

एक पल  सोचते हैं हम की अब मिल जायेगी मंजिल 

अगले ही पल वो सपना टूट जाता हैं!

क्या हैं सपना और क्या हैं हक़ीक़त इसकी पहचान हमे ये वक़्त ही कराता हैं!

हम जीत लेंगे दुनिया को ये एहसास कितना उत्साह भर जाता हैं,

किन्तु ये तो था नामुमकिन सिकंदर के लिये भी , इससे रूबरू ये वक़्त ही हमें कराता हैं!

वक़्त कभी आता है, वक़्त कभी  जाता हैं,
ये सिलसिला हर वक़्त यूंही चलता रह जाता हैं!

Wednesday, November 7, 2012

छोटी सी बात





मुशिकील दुनिया में कुछ भी नहीं,

ना जाने फिर भी क्यूँ कुछ लोग अपने इरादे तोड़ देते हैं !


ये सच हैं कि अक्सर जीवन में कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता हैं,

आख़िरकार आग में ताप कर ही तो कोयला सोना बनता हैं।


यु तो हम चाँद तक पहुँचने की बातें करतें हैं ,

फिर क्यूँ हम एक छोटी सी ठोकर लगने पर ही अपना रुख मोड़ लेतें हैं।


समझ जातें हैं हम बड़ी बड़ी बातें, लेकिन अक्सर बड़ी छोटी सी बात नहीं समझ पातें,
आखिर क्यूँ हम छोटी छोट बातों पर इतना हैं घबरातें !



क्यूँ नहीं समझ पाते हम सिर्फ इतनी सी बात कि ----------

" गर अटल हो विश्वास कुछ कर दिखाने का तो मुश्किलें अपनी राह खुद ब खुद मोड़ लेती हैं,


  अगर सच्चे दिल से हो चाहत कुछ पाने की तो किस्मत भी उसे पूरा करने के लिए
सितारों से अपना कनेक्शन जोड़ देती हैं। "