Tuesday, February 8, 2011

होंसलो से भरे नन्हे कदम!













" होंसलो से भरे जो नन्हे कदम, सफ़र कि शुरुवात करते हैं,
वो कड़ी मुश्किलों में भी, अपनी तय कि गई मंजिलों को पार करते हैं !
नहीं चाहते कोई सहारा, वो स्वयं पर इतना विस्वास करते हैं,
ऐसे लोग हार कि नहीं बल्कि हार कर, फिर जीतने कि बात करते हैं!
और वो लोग जो सिखाते हैं, मुश्किलों में भी हौंसले से आगे बढते रहना,
ऐसे लोगों का तो जिंदगी के रास्ते भी बड़ी बेसब्री से इंतज़ार करते हैं!"

Saturday, January 15, 2011

जिंदगी कि सिख















जिंदगी
कि आदत है ठोकरें देने कि ,
हर मोड़ पर एक नई परीक्षा लेने कि !

दिखाती है कई नए रास्ते,
मंजिलों
से भी परिचय कराती है जिंदगी,

जहाँ में कभी मिलाती है फरिश्तो से,
तो
कभी राक्षसों से सामना कराती है जिंदगी,
हर मोड़ पर इंसान को कुछ नया सबक पढ़ा जाती है जिंदगी!

किसी कि आँखों में सपने तो,
किसी को निराश कर जाती है जिंदगी,
किसी को कामयाबी तो किसी को गुमनामी दे जाती है जिंदगी,

अपनी हर एक ठोकर से, एक नई सीख सिखाती है जिंदगी,
नाजुक कांच से, हमें एक मजबूत चट्टान बनती है जिंदगी!

ठोकरे खा कर गिर जाना नहीं ,
मुश्किलों के आगे सर झुकाना नहीं,
सपनों
के टूटने पर बिखर जाना नहीं, ये सब हमे बताती है ये जिंदगी !

ठोकरे खा खा कर आगे बढते जाना हे तुझे ....
अपने सपनों को सच कर दिखाना है तुझे....
ठोकरे
तेरे इरादों से ज़्यादा मजबूत नहीं, सिर्फ ये आईना ज़िन्दगी को दिखाना है तुझे!