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Friday, June 25, 2010

माँ

माँ से बच्चे का रिश्ता कुछ ऐसा होता है
जैसे जहाँ में फूल और गुलिंस्ता होता है !

माँ की एक दुआ बच्चे की जिंदगी बना देती है
खुद चाहे कितनी भी दुखी क्यों न हो, लेकिन हमें हंसा देती है!

माँ की ममता के भी कई अंदाज़ होते हैं
उनकी जागती आँखों में हम बच्चों के लिए, लाखो ही ख्वाब होते हैं !

हमारी हर एक कामयाबी, देती है हजारों खुशी जिनको
वो और कोई नहीं हमारी माँ होती है !

बस एक ही गुजारिश है मेरे भगवान्
मेरी माँ को सदा खुश रखना,
एक हस्ती है जो जान है मेरी
मेरी आन से भी बढ़कर मान है मेरी
वो जो करे हुकुम,तो हाज़िर जान है मेरी
क्यूंकि वो कोई और नहीं, माँ है मेरी!

ईशवर को तो कभी देखा नहीं,किन्तु माँ में झलक लगती है उसकी !
क्यूँ न माँ से एक ऐसा रिश्ता बनाया जाए
जिसको सदैव ही अपनी निगाहों पर बिठाया जाये
रहे मेरा और मेरी माँ का रिश्ता ऐसा
गर हो उदास कभी वो तो खुश मुझसे भी ना रहा जाये!