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Thursday, July 22, 2010

{मायूस ना होना कभी }

मायूस ना होना कभी,
पेरशानियों में ना रोना कभी,

क्यूंकि मायूस होना एक बहुत बड़ा गुनाह होता है,
मिलता है सबको वही जो जिसकी किस्मत में लिखा होता है!

हर चीज़ मिलें जहाँ में ये ज़रूरी तो नहीं,
जीने के लिए ये दुनिया इतनी भी बुरी तो नहीं!

कुछ ना मिलने पर कोसतें है जो खुद को,
वो शायद खुद की काबिलियत को पहचानतें नहीं,
होता है जिनको भरोसा खुद पर , वो कभी अपनी हार मानते नहीं!

जिंदगी जीने का एक मायना होता है,
खुद का मन भी एक आइना होता है ,
बहुत जरूरी जीवन के लक्ष्य को जानना होता है!

क्यूँ ना सब अपने जीवन के लक्ष्यों को जाने, और आगे कदम बढायें,
छोड़ मायूसी और परेशानियों के दामन को दूर कहीं, अपनी कामयाबीयों का जशन मानायें!
ठीक उसी तरह जैसे रोज शाम को डूबता हुआ सूरज,
सुबह होते ही फिर अपनी किरणों से सारे जग को जगमगायें!