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Tuesday, June 22, 2010

बन जा मिसाल तू

हारने से जीतने की खवाइश कम नहीं होती
टूटने से जुड़ने की कोशिश कम नहीं होती!

माना की हर कोई पाना चाहता है आसमान
किन्तु इससे धरती की आहमीयत कम नहीं होती!

ढूँढो तो मिल जातें है पत्थर में भगवान्
चाहो तो बना सकते हो आसमान में आशियाँ

कोशिश करने पर तो हो जाती है हर राह आसान
सिर्फ क़दमों को बढाने की देरी है
पुरे हो जाते है दिल के सारे अरमान

ग़मों की आंच पर लक्ष्य को उबाल तू
दिल में ना ज्यादा वहमों को पाल तू

सामने मंजिल और सुनहरा आसमान है
काट दे अपने चारो तरफ बिछे ये जाल तू

एक छेद ही काफी है घड़े से पानी गिराने को
एक आवाज़ ही काफी है किसी भी नए बदलाव को लाने को

बन जा एक नन्हा बीज तू
नन्हा अंकुर आज नहीं तो कल निकलेगा

रख खुद पर भरोसा और अटल विशवास तू
बन जा आज के युग की एक अहम् मसाल तू !