हारने से जीतने की खवाइश कम नहीं होती
टूटने से जुड़ने की कोशिश कम नहीं होती!
माना की हर कोई पाना चाहता है आसमान
किन्तु इससे धरती की आहमीयत कम नहीं होती!
ढूँढो तो मिल जातें है पत्थर में भगवान्
चाहो तो बना सकते हो आसमान में आशियाँ
कोशिश करने पर तो हो जाती है हर राह आसान
सिर्फ क़दमों को बढाने की देरी है
पुरे हो जाते है दिल के सारे अरमान
ग़मों की आंच पर लक्ष्य को उबाल तू
दिल में ना ज्यादा वहमों को पाल तू
सामने मंजिल और सुनहरा आसमान है
काट दे अपने चारो तरफ बिछे ये जाल तू
एक छेद ही काफी है घड़े से पानी गिराने को
एक आवाज़ ही काफी है किसी भी नए बदलाव को लाने को
बन जा एक नन्हा बीज तू
नन्हा अंकुर आज नहीं तो कल निकलेगा
रख खुद पर भरोसा और अटल विशवास तू
बन जा आज के युग की एक अहम् मसाल तू !
Collection of motivational poems which will helps one individual not only in pursuing the dreams but to make them a reality as well.These inspirational poems are here to help relight that fire in your soul, to help you reclaim the life you were meant to live.
Tuesday, June 22, 2010
Monday, June 21, 2010
जिंदगी -गुलाब की सिख !
तारों में अकेला चाँद जगमगाता है
मुश्किलों में ही अक्सर इंसान डगमगाता है
पर मत भूलों उस गुलाब को
जो काँटों के बीच रह कर भी सदा मुस्कुराता है
बिखेरता है तो सिर्फ खुशबू अपनी! अपने दर्द को कभी नहीं दिखलाता है !
देखने में भले ही छोटा सा हो, किन्तु एक बड़ी सिख सिखाता है
सिखलाता है काटों से मत घबराना मेरे दोस्त
क्यूंकि काटों में ही रहकर एक गुलाब मुस्कुराता है, तुम भी मुस्कुराओं !
कोई भी मुश्किल तुम्हारे इरादों की मजबूती को हिला नहीं सकती
जब एक फूल खिल सकता है हाज़ारों काटों के बीच ,तो तुम तो इंसान हो
याद रखो इस बात को और आगे बढ़ो
रास्ते तुम्हारा इंतज़ार करतें है
रास्तों पर चलते चलते मंजीलें खुद व् खुद मिल जायेंगी
और तुम्हारी जिंदगी भी एक दिन गुलाब सी खिल जायेगी !
मुश्किलों में ही अक्सर इंसान डगमगाता है
पर मत भूलों उस गुलाब को
जो काँटों के बीच रह कर भी सदा मुस्कुराता है
बिखेरता है तो सिर्फ खुशबू अपनी! अपने दर्द को कभी नहीं दिखलाता है !
देखने में भले ही छोटा सा हो, किन्तु एक बड़ी सिख सिखाता है
सिखलाता है काटों से मत घबराना मेरे दोस्त
क्यूंकि काटों में ही रहकर एक गुलाब मुस्कुराता है, तुम भी मुस्कुराओं !
कोई भी मुश्किल तुम्हारे इरादों की मजबूती को हिला नहीं सकती
जब एक फूल खिल सकता है हाज़ारों काटों के बीच ,तो तुम तो इंसान हो
याद रखो इस बात को और आगे बढ़ो
रास्ते तुम्हारा इंतज़ार करतें है
रास्तों पर चलते चलते मंजीलें खुद व् खुद मिल जायेंगी
और तुम्हारी जिंदगी भी एक दिन गुलाब सी खिल जायेगी !
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