Sunday, June 20, 2010

आज के सगे भाइयों की कहानी

आँखों में पानी है, दिल में जज्बात
लेकिन कह नहीं सकते,एक दुसरे से ये अपनी बात!

है दिल के किसी कोने में, आज भी कुछ यादें
थी जो कभी इनकी बचपन की बुनियादें !

भाई तो रह गए, भाईचारा मिट गया
था आँखों में जो सपना वो प्यारा मिट गया!

दिल में ग़मों की तादाद बढ़ गयी
भाई से भाई की पहचान मिट गई!

जन्म लिया एक ही घर में
लेकिन आज हर दरो दिवार बंट गई!

चली आंधी की एक ऐसी लहर
जहाँ अपनों की हर याद मीट गई!

Tuesday, June 8, 2010

जियो तो ऐसे

छु ले आसमान, जमीं की तू तलाश न कर
उड़ान भर ले ज़िन्दगी की
खुशिओं की तू तलाश ना कर!

गमों से रिश्ता पुराना है जिंदगी का
छोड़ कर गमों के दामन को,
आगे बढ़ जाना ,सही ठिकाना है जिंदगी का !

गमों से दूर होकर , तेरी तकदीर भी बदल जायेगी
मुस्कुराना सिख ले, जिंदगी की तस्वीर ही बदल जायेगी!

खुश होने के लिए वजह की तलाश न कर
जीना है तो खुल कर जी , गम और ख़ुशी का हिसाब न कर !