Friday, October 1, 2021

 क्या होते हैं पापा

आँखों मैं आने से पहले ही जो रोक ले हमारे अश्कों को,वो होते हैं पापा।
बिन कहे जो सारी बातें जान ले, हमारे मन की वो होते हैं पापा।
बचपन से जो हम बच्चे जपते हैं वाणी ,उसकी आवाज़ होतें हैं पापा।
उड़ती हैं जिनसे हम बच्चौं के सपनो की पतंग, उसकी मजबूत डोर होते हैं पापा।
इस दुनिया की सारी खुशियाँ, जो हम पर न्योछावर करते हैं वो होते हैं पापा।
हमेशा हमारी परेशानियों को , जो चुटकी भर मैं सुलझा दे वो होतें हैं पापा।
वो राह जिस पर एक पग भी रखना लगता हैं मुश्किल,
उस राह पर दौड़ना सिखातें हैं जो , वो होतें हैं पापा।
हमसे सबसे ज़्यादा प्यार करके ,जो हमसे ही छुपा ले वो होते हैं पापा।
भगवान् का हर जगह होना मुमकिन नहीं , इसीलिए भगवान् का रूप इस धरती पर होते हैं पापा।
फिर क्यों एक दिन हमको अकेला छोड़ कर चले जातें हैं पापा।
एक दिन, एक पल ऐसा नहीं होता जब आप याद न आते हो पापा।
आज भी मेरे हर दिन की शुरुवात आपकी तस्वीर से होती हैं पापा।
फर्क इतना हैं की बस आपके आशीर्वाद की आवाज़ नहीं आती ,
मगर जब भी आँखे बंद करती हूँ, केवल आपकी ही तस्वीर दिखती ही पापा।
आप नहीं हो आज सामने मेरे, मगर आपकी बहुत याद आती है पापा.......

Sunday, March 29, 2020

करोना से डरो ना 


साल २०२० में एक विपदा सभी पर आई,
जिसने अनजाने में ही लोगो के बीच एकता जगाई !


है करोना इस विपदा का नाम,
वायरस के ज़रिये जान लेना हैं जिसका काम


लोगों के इकठ्ठे होने पर ये वायरस बन जाता हैं उसका मेहमान ,
गंदे हाथों से मुँह , आँख,नाक को छूने मात्र से 
हो जाता हैं हामरे शरीर मैं ये विराजमान !


किन्तु हर समस्या का होता हैं , कोई ना कोई समाधान ,
इस करना को भगाने का भी हैं एक रामबाण !


भीड़ - भाड़ से दूर रहें  और सफ़ाई का रखो धयान ,
हाथों को धोऐं जो बार बार , तो पड़े न कोई बीमार !


अपने भारतीय संस्कारों को जो करे आत्मसात ,
हाथ मिलाने से अच्छा हैं जो करे हम एक दूजे को प्रणाम !


भक्ति करें हम अंतर्मन से ,करें पूजा हम सच्चे मन सेसे और करें शंखनाद ,

गर ऐसा हम सब करें तो करोना क्या कोई भी विपदा भारत को पहुंचा ना सकेगी घात !


हैं ये एक बिमारी  जो फैलती हैं , छूने से संक्रमित हाँथ ,
नहीं देखती बीमार  करने से पहले किसी का धर्म या उसकी जात !


चाहे पढ़ लो आरती, या कर लो नमाज़ ,
करोना को गर भगाना हैं तो , बस एक जुट हो कर रोज श्याम को ताली बजाओ साथ !

Thursday, May 16, 2019

जिंदगी की हकीकत!

जिंदगी की हकीकत को बस हमने इतना ही जाना है,
दर्द में अकेले हैं और खुशियों में सारा जमाना है।


जब तक हो आप बुलंदी पर, हर एक आपका दीवाना हैं,
जिस दिन आये धरातल पर, तो फिर  से नाम कमाना हे | 


ये त्रासदा किसी एक की नहीं , बल्कि हर एक का फ़साना है ,
कोई आज है मशहूर यहाँ , तो कल किसी और का नाम आना हैं !


ये ही है जिन्दगी, इससे दूर कहाँ जाना है। 
बहुत छोटी हैं जिन्दगी, जिसमे हर ख़्याब को सजाना है !







Wednesday, February 13, 2019


My Small Poem: विश्वास का दिया

 


















वक़्त के कोरे कागज़ पर दिन नीकलते चले गए,

बचपन से बड़े होने तक का सबब लिखते चले गए.

 

एक पल को बैठे तो सोचा ये सोचु,

आज पा लिया सब कुछ हमने या फिर सब कुछ खोते चले गए !

 

पाया भी खोया भी, इस छोटे से जीवन में,

सजाया भी हटाया भी सपनो को त्रिभुवन में!

 

कुछ सपने सच हो गए, कुछ आज भी सपनो में ज़िंदा हैं,

सच हो जाएंगे ये भी एक दिन, क्यूंकि आस पे दुनिया ज़िंदा हैं!

 

गर गौर से देखा जाए तो, अपना मन भी एक परिंदा हैं,

नहीं रहता स्थिर ये कभी, हर पल ये घूमा करता हैं !

 

मन हो या अपना जीवन हो, दोनों ही निरंतर चलते हैं,

देते हैं संदेषा चलने का, जीवन मैं आगे बढ़ते रहने का ,

 

रुकने का अब कोई काम नहीं, आगे हमको बढ़ते चलना हैं,

हो जाएंगे सपने सारे सच, बस इस विश्वास का दिया जला कर रखना हैं .

Thursday, February 15, 2018

वक़्त आता है और वक़्त जाता  हैं 

वक़्त कभी आता है, वक़्त कभी  जाता हैं,
 
हज़ारों सपने आँखों में भर जाता हैं

कभी हमें रुलाता हैं , कभी हमे हंसाता हैं

हर पल हमारा वास्ता हक़ीक़त से ये कराता हैं!

एक पल  सोचते हैं हम की अब मिल जायेगी मंजिल 

अगले ही पल वो सपना टूट जाता हैं!

क्या हैं सपना और क्या हैं हक़ीक़त इसकी पहचान हमे ये वक़्त ही कराता हैं!

हम जीत लेंगे दुनिया को ये एहसास कितना उत्साह भर जाता हैं,

किन्तु ये तो था नामुमकिन सिकंदर के लिये भी , इससे रूबरू ये वक़्त ही हमें कराता हैं!

वक़्त कभी आता है, वक़्त कभी  जाता हैं,
ये सिलसिला हर वक़्त यूंही चलता रह जाता हैं!

Wednesday, November 7, 2012

छोटी सी बात





मुशिकील दुनिया में कुछ भी नहीं,

ना जाने फिर भी क्यूँ कुछ लोग अपने इरादे तोड़ देते हैं !


ये सच हैं कि अक्सर जीवन में कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता हैं,

आख़िरकार आग में ताप कर ही तो कोयला सोना बनता हैं।


यु तो हम चाँद तक पहुँचने की बातें करतें हैं ,

फिर क्यूँ हम एक छोटी सी ठोकर लगने पर ही अपना रुख मोड़ लेतें हैं।


समझ जातें हैं हम बड़ी बड़ी बातें, लेकिन अक्सर बड़ी छोटी सी बात नहीं समझ पातें,
आखिर क्यूँ हम छोटी छोट बातों पर इतना हैं घबरातें !



क्यूँ नहीं समझ पाते हम सिर्फ इतनी सी बात कि ----------

" गर अटल हो विश्वास कुछ कर दिखाने का तो मुश्किलें अपनी राह खुद ब खुद मोड़ लेती हैं,


  अगर सच्चे दिल से हो चाहत कुछ पाने की तो किस्मत भी उसे पूरा करने के लिए
सितारों से अपना कनेक्शन जोड़ देती हैं। "



















Wednesday, July 4, 2012

ऐसा हो विश्वास आपका

मुश्किलें हर कदम पर आपके इर्रादे आजमाएंगी, 
ख्वाबों के पर्दों को हटा, हक़ीकत से सामना कराएंगी,


कभी सपनो को सच कर ज़न्नत का रुख कराएंगी
और कभी तोड़ कर सपनो को अश्कों से आंखें  भीगायेंगी,


किन्तु हार ना मानना एक ठोकर से तू , गर सपनो में तेरे सच्चाई हैं ,
मुश्किलें  चाहे जितनी ही बड़ी क्यूँ न हो, मजबूत इरादों के समक्ष कभी नहीं टिक पायीं है!


जो चलें हैं निडर होकर ज़िन्दगी में, मंजिलें उन्हीं को मिल पाई  हैं,
हर मंजिल को पाने के लिए हर एक "कामयाब शकशियत" ने अनगिनत ठोकरें खाई हैं!

गिर कर खड़े हुए हैं सब और ये कहना हैं उन्हीं का----2
कि ज़िन्दगी हर कदम पर आपके होंसलें  आजमाएगी,
कदम कदम पर आपको लाखों सवाल कर जायेगी,

ज़रुरत हैं उन सवालों का डट कर हमेशा जवाब दिया जाये,
सफल हों या असफल इसका ना ज़्यादा  ख्याल किया जाये !

गिरकर सदा खड़े होंने का ज़ज्बा रखना दिल में, गर जीवन में कुछ पाना हैं तुम्हें,
किसने देखा हैं कल, अपने आज को अपनी हिम्मत से आज ही सजाना हैं तुम्हें! 

मुश्किलों के आगे झुकना नहीं कभी, बल्कि मुश्किलों को खुद के आगे झुकाना हैं तुम्हें!
हम सफल होंगें अवश्य, बस इसी एक विश्वास के साथ जीवन में आगे बढतें जाना हैं तुम्हें!

Monday, November 21, 2011

ख्वाबों को सदा जिंदा रख























हर कदम पर नए साँचें में ढल जातें हैं लोग,
देखते ही देखते बदल जातें हैं लोग !

कई लोग अपनों में ही सिमटे रह जातें हैं ताउम्र ,
तो कई पूरी दुनिया को अपना बना जातें हैं वहीँ!

सभी लोग सपने देखतें हैं यहाँ,
लेकिन बहुत कम ही इन सपनो को हकीक़त में बदल पातें हैं यहाँ,
ओर जो लोग ऐसा कर दिखातें हैं, उन्हें पलकों पर लोग बीठातें हैं यहाँ!

ओर कुछ ऐसे ही लोग ये सिखलातें हैं हमें कि -------
आँखों में सिर्फ सपनो को सजाने से कुछ नहीं होता,
मुश्किल हालतों में घबराने से यहाँ कुछ नहीं होता,

आवाज हैं गर जेहेन में , तो उस आवाज़ को बुलंद कर ,
अगर भरोसा हैं खुद पर , तो इन्ही सपनो से अपनी ज़िन्दगी कि एक नई शुरुआत कर !

गर देखें हैं जिंदा आँखों से सपने , तो इन ख्वाबों को सदा जिंदा रख,
एक ठोकर से घबरा नहीं बल्कि हजार ठोकरों , का सामना करने का खुद को हर पल तैयार रख!

तू हैं तो ये तेरे सपने हैं, तू नहीं हैं तो ये सपने कहाँ .......
सदा बस इसी एक बात को तू याद रख !


Sunday, August 28, 2011

हर कोई


पंख लगाकर खुले आसमान में उड़ना चाहता हैं हर कोई,
आँखों से आंसुओं को हटा , मुस्कुराना चाहता हैं हर कोई!

कहता है कोई कि मेरी किस्मत ख़राब हैं,
तो कहीं , उन्ही परिस्थितियों में आगे बढ़ जाता हैं कोई ,

कोई करता हैं इंतजार ताउम्र किस्मत बदलने का,
तो कोई रच देता हैं सामने इतिहास वहीं!

मेहनत ओर लगन से सब कुछ हैं मिलता,
हाथों कि लकीरों से सफलता का कोई सरोकार नहीं,
क्योंकि, तकदीर तो उसकी भी चमकती हैं जिसके होते दोनों हाथ नहीं !

सवार अपने सर पर कुछ जूनून ऐसा, कि बस अब अपना लक्ष्य तुझे पाना हैं,
रह जाएगा न फिर कुछ ऐसा दुनिया में, जो हाथ तेरे ना आना हैं!

तुझे बस हर समय यही विश्वास अपने अन्दर जगाना हैं, तू हैं तो ये ज़माना हैं,
आया हैं जो इस दुनिया में, तो तुझे कर के अपने सपनों को सच दिखाना हैं !

Friday, March 4, 2011

पहला कदम




















ये
कैसी है विडम्बना, ये कैसी है मजबूरी,
हर एक इंसान कि ज़िन्दगी आज लगती है क्यूँ अधूरी!

आँखों में सपने हैं, कोशिशे भी है पूरी,
किन्तु
अभी भी मंजिलों को पाने में काफी है दूरी!

आज इंसा चाहता हैं कुछ और, मगर हो जाता है कुछ और,
सपने देखता है कुछ ओर, हकीकत मिलती है कुछ और!

हर एक लगा हैं अपनी मंजिल को पाने में,
जहाँ
में अपने आप को कुछ ख़ास बनाने में!
किन्तु विडम्बना है बड़ी, कि बहुत समय लग जाता हैं जीवन में पहला कदम उठाने में!

सोच समझ कर उठाये क़दम जीवन में हमेशा आगे बढाते हैं ,
कभी
सफलता तो कभी असफलता, जीवन में दे जाते हैं!
आने
वाले समय का सामना करने के लिये हमे, एक परिपक्व इंसान बनाते हैं!

जीवन में नेक कदम उठाने से पहले, कभी नहीं घबराना चाहिये,
मुश्किलें चाहे कितनी ही बड़ी क्यूँ हो, आपका होंसला कभी नहीं डगमगाना चाहिए,
मंजिलें खुद पीछे आएँगी आपके, आपको सिर्फ अपने होंसलो के साथ आगे बढते जाना चाहिए!

Tuesday, February 8, 2011

होंसलो से भरे नन्हे कदम!













" होंसलो से भरे जो नन्हे कदम, सफ़र कि शुरुवात करते हैं,
वो कड़ी मुश्किलों में भी, अपनी तय कि गई मंजिलों को पार करते हैं !
नहीं चाहते कोई सहारा, वो स्वयं पर इतना विस्वास करते हैं,
ऐसे लोग हार कि नहीं बल्कि हार कर, फिर जीतने कि बात करते हैं!
और वो लोग जो सिखाते हैं, मुश्किलों में भी हौंसले से आगे बढते रहना,
ऐसे लोगों का तो जिंदगी के रास्ते भी बड़ी बेसब्री से इंतज़ार करते हैं!"

Saturday, January 15, 2011

जिंदगी कि सिख















जिंदगी
कि आदत है ठोकरें देने कि ,
हर मोड़ पर एक नई परीक्षा लेने कि !

दिखाती है कई नए रास्ते,
मंजिलों
से भी परिचय कराती है जिंदगी,

जहाँ में कभी मिलाती है फरिश्तो से,
तो
कभी राक्षसों से सामना कराती है जिंदगी,
हर मोड़ पर इंसान को कुछ नया सबक पढ़ा जाती है जिंदगी!

किसी कि आँखों में सपने तो,
किसी को निराश कर जाती है जिंदगी,
किसी को कामयाबी तो किसी को गुमनामी दे जाती है जिंदगी,

अपनी हर एक ठोकर से, एक नई सीख सिखाती है जिंदगी,
नाजुक कांच से, हमें एक मजबूत चट्टान बनती है जिंदगी!

ठोकरे खा कर गिर जाना नहीं ,
मुश्किलों के आगे सर झुकाना नहीं,
सपनों
के टूटने पर बिखर जाना नहीं, ये सब हमे बताती है ये जिंदगी !

ठोकरे खा खा कर आगे बढते जाना हे तुझे ....
अपने सपनों को सच कर दिखाना है तुझे....
ठोकरे
तेरे इरादों से ज़्यादा मजबूत नहीं, सिर्फ ये आईना ज़िन्दगी को दिखाना है तुझे!




Monday, January 3, 2011

सूरज का प्रकाश !




















उगता
हुआ सूरज सभी को बहुत भाता है,
क्यूंकि ये अपने साथ बहुत सा प्रकाश ले कर आता है!

हर इंसान आज उगता हुआ सूरज बनना चाहता है,
इतनी बड़ी दुनिया में अपनी एक पहचान कायम करना चाहता हैं!
ठीक सूरज कि भाँती ही सदा जगमगाना चाहता है!

डूबने
का ख्याल मात्र भी हर इंसान को बहुत सताता है,
इसीलिए शायद डूबता हुआ सूरज किसी को भी नहीं भाता हैं !

उगना
- डूबना, हारना - जीतना, खोना- पाना, आना - जाना,
ये
सभी पात्र हैं मानव जीवन के !

इन सभी के बगैर जीवन नामुमकिन हैं!

जीवन तो एक रंगमंच हैं , ओर लोग हैं कठपुतलियाँ ,
रंगमंच में लोगो ने अपनी मेहनत से क्या क्या नहीं कर लिया!
इस जीवन में सभी को कुछ कुछ हैं ख़ास मिला है!

जरूरत हैं तो, उस खासियत को पहचानने कि,
पहचान
कर उसे तराशने कि, जाने कब किसी कोयले से हीरा निकल आये!

किसी ने सच ही कहा है कि, उठती हुई लहरों को साहिल कि परवाह नहीं होती,
मजबूत हौसलों के आगे कोई दीवार नहीं होती,

ज़ज्बा
हो तो एक नन्हा दिया भी सूरज कि रौशनी कर दिखाता हैं,
क्यूंकि
उसे जल कर अपने रौशनी का प्रकाश फैलाना बखूबी आता हैं!